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पर्यावरण विनष्टीकरण (अवनयन)

पर्यावरण विनष्टीकरण (अवनयन ) (Enviromntal Degradation) पर्यावरण अजैविक और जैविक संघटको का एक ऐसा समुच्चय है जो जीवधारियों के विकाश के लिए अनुकूल निवास प्रदान करती है। इस निवास्य की सुरक्षा के लिए पर्यावरण के तत्त्व निरंतर क्रिया शील रहते है और साथ ही आपसी ताल-मेल बनाये रखते हैं ।                                                                     किन जब पर्यावरण    के तत्व अपने नैसर्गिक गुणों के विपरीत प्रभाव डालते है। पर्यावरण    के इसी परिवर्तन को अवनयन या हास्य पर्यावरण अवक्रमण कहा जाता है।     पर्यावरण हास्य तब शुरू होता है जब जीवधारी,विशेष कर मनुष्य उसकी उपेक्षा एवं अवमानना करने लगता है इस क्रम में  पर्यावरण के प्रति किये गये अमैत्रीपूर्ण कार्य तथा प्रदुषण विस्तार, वन विनाश, अधिक जनभार, संसाधनों का अनुचित दोहन आदि स्वनियमन जन्य क्षमता से अधिक हो जाता हो जाता है तो उसके फ...

पर्यावरण परिवर्तन संरक्षण

पर्यावरण परिवर्तन एवं   संरक्षण (ENVIRONMENTAL CHANGES AND CONSERVATION) परिचय   ( INTRODUCTION)                                               प्राकृतिक   पर्यावरण का निर्माण अजैव और जैव घटकों से हैं घटको में मानव सर्वाधिक महत्वपूर्ण  तत्त्व है जो अपने क्रिया - कलापों से पर्यावरण को सर्वाधिक प्रभावित करता है । यह पर्यावरण का नियंत्रक, संचालक , रूपान्तरक और विनाशक है ईंन क्रियाओ को  रूप देने में देने में वह खुद पर्यावरण द्वारा बदलता रहता है। अपनी क्षमता, आवश्यकता और भावना के द्द्वारा वह अपने परिवेश की व्याख्या का नियमन करता है ।                                    अ तः स्पष्ट है कीपर्यावरणऔर परिस्थितिक की कार्य प्रणाली की स्वनियमनव्यवस्था द्वारा संचालित होती है । पर्यावरण तत्त्व पारिस्थितिक का नियंत्रण कर जीवन विकास के लिए आ...